पटना। बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार 2 फरवरी से शुरू हो रहा है। इस बजट सत्र के दौरान सबकी नजरें मगध क्षेत्र के 13 विधायकों पर होंगी, जो पहली बार सदन पहुंचे हैं। बता दें, मगध क्षेत्र के 26 विधायक हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पहली बार जो विधायक बनता है, उस पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। लोगों की उम्मीदें ऐसे विधायकों से ज्यादा होता है।
इस सत्र का सबसे अहम पड़ाव कल पेश होने वाला राज्य बजट होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार से जनता को विकासोन्मुखी और लोककल्याणकारी बजट की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण विकास, शहरी आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार सृजन को लेकर बड़े प्रावधान किए जाने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए राजस्व बढ़ाने और खर्चों में संतुलन बनाए रखने पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है।
बजट सत्र के दौरान विपक्ष की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होगी। विपक्षी दल सरकार से राज्य की कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जवाब मांगेंगे। इसके साथ ही भ्रष्टाचार, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की जाएगी। ऐसे में सदन में तीखी बहस और हंगामे की भी संभावना बनी हुई है।
इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश कर सकती है, जिनका संबंध राज्य के प्रशासनिक सुधार, सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास से होगा। साथ ही कुछ पुराने कानूनों में संशोधन या नए नियम लागू करने से जुड़े प्रस्ताव भी सदन में रखे जा सकते हैं। इन विधेयकों पर चर्चा और पारित होने की प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों के बीच सहमति और असहमति के स्वर भी देखने को मिल सकते हैं।
राज्य सरकार का दावा है कि वह विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समावेशी और संतुलित बजट पेश करेगी। सरकार का फोकस गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा शिक्षा-स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने पर रहेगा। वहीं, उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी नए प्रोत्साहन और नीतिगत फैसलों की घोषणा की जा सकती है।












