पटना। राज्य में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय राहत कार्यों को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों को उनके निकट आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं तथा आवश्यकता के अनुसार Boat Ambulance की तैनाती की गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 726 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में 235 चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं, जबकि 31 Boat Ambulance की प्रतिनियुक्ति की गई है। चिकित्सा शिविरों के माध्यम से अब तक 22,939 मरीजों को OPD सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, 4 मरीजों को IPD में भर्ती किया गया है तथा 4 गर्भवती माताओं को Health Camp में भर्ती कर आवश्यक चिकित्सीय देखभाल उपलब्ध कराई गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने वैशाली के बाढ़ राहत शिविरों का लिया जायजा
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने आज वैशाली जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राघोपुर एवं देसरी प्रखंड के खड़गपुर पंचायत स्थित बाढ़ राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य शिविर में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की तथा मौके पर मौजूद चिकित्सा दल से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। मंत्री निशांत ने सामुदायिक रसोई में खाद्य सामग्री एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सुविधा एवं अन्य आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि आपदा पीड़ितों तक हरसंभव राहत और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारे नेता, पिताजी एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी हमेशा कहा करते हैं कि सरकारी खजाने पर सबसे पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। इसी सोच के साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत एवं आवश्यक सहायता पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है।

राज्य के अन्य प्रभावित जिलों में भी चिकित्सा सेवाएं जारी
भोजपुर, बेगूसराय एवं पटना के अतिरिक्त अरवल, भागलपुर, बक्सर, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, समस्तीपुर, सारण एवं वैशाली सहित अन्य प्रभावित जिलों में भी चिकित्सा शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। चिकित्सा दलों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा लोगों को उपचार, स्वास्थ्य परामर्श एवं आवश्यक चिकित्सीय सहायता प्रदान की जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं कमजोर वर्गों की स्वास्थ्य जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जलजनित एवं संक्रामक रोगों से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क
बाढ़ के दौरान दूषित पानी एवं अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, हैजा, टायफाइड, लेप्टोस्पायरोसिस सहित विभिन्न जलजनित एवं संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ सकता है। जलजमाव के कारण डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि पीने एवं खाना बनाने के लिए केवल सुरक्षित, उबले हुए अथवा निर्धारित तरीके से क्लोरीनयुक्त पानी का उपयोग करें। बाढ़ के पानी के संपर्क में आए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। भोजन को ढककर रखें तथा खाना बनाने एवं खाने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन एवं स्वच्छ पानी से हाथों की अच्छी तरह सफाई करें।
स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तुरंत लें चिकित्सकीय सहायता
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुखार, दस्त, उल्टी, सांस लेने में परेशानी, त्वचा संक्रमण, चोट अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल नजदीकी चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा पहले से बीमार व्यक्तियों की विशेष देखभाल करने की अपील की है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्राप्त करें।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत का बड़ा फैसला
आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें, अफवाहों से बचें
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि बाढ़ एवं स्वास्थ्य संबंधी किसी भी सूचना के लिए केवल प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। अफवाहों से बचें तथा स्वास्थ्यकर्मियों एवं प्रशासन द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें। राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्यकर्मी, आवश्यक दवाएं एवं Boat Ambulance उपलब्ध कराकर लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख आंकड़े
07 सितंबर 2026 के दैनिक प्रतिवेदन के अनुसार—
- बाढ़ प्रभावित गांव — 726
- स्थापित चिकित्सा शिविर — 235
- प्रतिनियुक्त Boat Ambulance — 31
- OPD में उपचारित मरीज — 22,939
- IPD में भर्ती मरीज — 4
- Health Camp में भर्ती गर्भवती माताएं — 4












