पटना। बिहार की राजनीति में पिछले कुछ महीनों से लगातार सक्रिय नजर आ रहे स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एक बार फिर चर्चा में हैं। पटना के बापू सभागार में शनिवार, 19 सितंबर को आयोजित बिहार राज्य महिला आयोग के रजत जयंती समारोह में उस समय माहौल खासा उत्साहपूर्ण हो गया, जब निशांत कुमार ने माइक संभाला और सभागार में मौजूद लोगों की ओर से ‘जय-जय निशांत’ के नारे सुनाई देने लगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री श्रवण कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग मौजूद थे।
निशांत कुमार के माइक संभालते ही नारेबाजी का यह दृश्य कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए भी ध्यान खींचने वाला रहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। हालांकि, केवल इस नारेबाजी के आधार पर निशांत की लोकप्रियता या व्यापक जनसमर्थन का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा, लेकिन बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इस तरह का दृश्य निश्चित रूप से राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
महिला आयोग के कार्यक्रम में महिलाओं के बीच दिखा उत्साह
बिहार राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित रजत जयंती समारोह में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी रही। कार्यक्रम में आयोग की 25 वर्षों की यात्रा, महिला अधिकारों, शिकायतों के समाधान और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर महिलाओं के लिए देश का पहला समर्पित महिला विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा भी की। समारोह में महिला आयोग के लोगो पर आधारित विशेष डाक टिकट जारी करने की पहल भी सामने आई।
इसी कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने महिला आयोग को रजत जयंती की बधाई दी और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के समाधान में आयोग की भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम में मंत्री लेशी सिंह, डॉ. श्वेता गुप्ता, शीला मंडल, महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
18 सितंबर को JDU के मंच पर पहली बार दिखी बड़ी राजनीतिक सक्रियता
निशांत कुमार की यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब एक दिन पहले यानी 18 सितंबर को उन्होंने जनता दल यूनाइटेड के एक आधिकारिक कार्यक्रम में पहली बार पार्टी के मंच से सक्रिय भूमिका निभाई थी। पटना स्थित जेडीयू प्रदेश कार्यालय के कर्पूरी सभागार में पार्टी के विधायकों और विधान पार्षदों के लिए आयोजित एकदिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान निशांत कुमार भी मंच पर मौजूद रहे।
माइक थामा तो गूंज उठा ‘जय-जय निशांत’ का नारा… बापू सभागार में दिखा समर्थकों का जोश।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में निशांत बने समारोह का सबसे चर्चित चेहरा।
18 सितंबर के JDU मंच के बाद फिर सुर्खियों में निशांत—बढ़ती राजनीतिक सक्रियता ने तेज की सियासी चर्चाएं।

इस कार्यक्रम को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि यह पहली बार था जब नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार किसी आधिकारिक जेडीयू कार्यक्रम में साथ नजर आए। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक और विधान पार्षद मौजूद थे। निशांत ने पार्टी के जनप्रतिनिधियों के बीच अपने पिता की राजनीतिक विरासत और NDA सरकार के पिछले वर्षों के काम को जनता तक पहुंचाने की बात कही।
हालांकि, जेडीयू की ओर से यह स्पष्ट किया जा चुका है कि निशांत कुमार को फिलहाल पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने 18 सितंबर के कार्यक्रम से पहले ऐसी अटकलों को खारिज किया था। इसलिए निशांत की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को लेकर चर्चाओं और पार्टी के औपचारिक फैसलों के बीच अंतर रखना जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर भी लगातार सुर्खियों में निशांत
राजनीतिक सक्रियता के साथ निशांत कुमार स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर भी लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों और अस्पतालों के निरीक्षण को लेकर चर्चा में रहे हैं। मई 2026 में सम्राट चौधरी सरकार में उन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद अस्पतालों के औचक निरीक्षण, मरीजों से बातचीत और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को लेकर अधिकारियों को निर्देश देने की उनकी गतिविधियां सार्वजनिक चर्चा में रही हैं।
इसी सक्रियता के बीच जेडीयू के भीतर भी निशांत को लेकर समर्थकों और कुछ नेताओं की ओर से राजनीतिक भूमिका बढ़ाने की मांग सामने आती रही है। इससे पहले पटना में उनके समर्थन में पोस्टर लगाए जाने और ‘जय निशांत, तय निशांत’ जैसे नारे सामने आए थे। नालंदा में नीतीश कुमार के कार्यक्रम के दौरान भी निशांत के नाम के नारे लगाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
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महिला आयोग के मंच से पिता नीतीश कुमार का भी जिक्र
रजत जयंती समारोह के दौरान निशांत कुमार ने महिलाओं के लिए किए गए कामों का उल्लेख करते हुए अपने पिता नीतीश कुमार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके पिता ने महिलाओं के लिए बहुत काम किए हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब वह पहली बार औपचारिक रूप से जेडीयू के मंच पर सक्रिय भूमिका में नजर आए हैं।
निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री के बाद उनके हर सार्वजनिक कार्यक्रम पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। खासकर 18 सितंबर के जेडीयू कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी और उसके अगले ही दिन महिला आयोग के समारोह में उनके नाम पर हुई नारेबाजी ने उनकी सार्वजनिक सक्रियता को फिर चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि समारोह में हुई नारेबाजी व्यापक राजनीतिक जनसमर्थन का प्रमाण है। लेकिन इतना जरूर है कि निशांत कुमार अब बिहार की राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में तेजी से दिखाई देने लगे हैं। स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनकी प्रशासनिक सक्रियता और जेडीयू के आधिकारिक मंच पर उनकी हालिया मौजूदगी ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
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