पटना। जटिल आपराधिक मामलों की जांच हो या अपहृत बच्चों की सकुशल बरामदगी, महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा हो या पटना मेट्रो के सुरक्षा तंत्र की शुरुआती रूपरेखा तैयार करना—मोहम्मद मुत्तफ़िक अहमद का पुलिस करियर कई अहम जिम्मेदारियों और उपलब्धियों से जुड़ा रहा है। अब बिहार पुलिस सेवा के इस अनुभवी अधिकारी को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति मिली है। 46वें BPSC बैच के टॉपर रहे अहमद की यह उपलब्धि उनके लंबे सेवाकाल और विविध कार्यानुभव के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
46वें BPSC बैच में किया टॉप, कई अनुमंडलों में संभाली कमान
मोहम्मद मुत्तफ़िक अहमद 46वें BPSC बैच (2007) के टॉपर रहे हैं। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने बिहारशरीफ, पटना, मुजफ्फरपुर और हिलसा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2010 से 2012 तक बिहारशरीफ में डीएसपी, 2012 से 2014 तक पटना सदर में एसडीपीओ, 2014 से 2017 तक मुजफ्फरपुर पूर्वी में एसडीपीओ और 2018 से 2019 तक हिलसा में एसडीपीओ के रूप में कार्य किया। इसके बाद बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) में एएसपी के पद पर सेवाएं दीं। फिलहाल वे कमांडेंट (BHG) के पद पर कार्यरत हैं।

Greyhounds के विशेष प्रशिक्षण में भी रहे अव्वल
पुलिसिंग के साथ विशेष परिचालन प्रशिक्षण में भी उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया। अहमद प्रतिष्ठित Greyhounds Anti-Extremist Tactics Course में डीएसपी श्रेणी में प्रथम स्थान पर रहे। यह प्रशिक्षण उग्रवाद-रोधी रणनीतियों, सामरिक कौशल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान संचालन की दक्षता से जुड़ा है। इस उपलब्धि ने उनके पेशेवर अनुभव में एक महत्वपूर्ण आयाम जोड़ा।
100 करोड़ के फर्जी स्टाम्प रैकेट से सीरियल किलर की गिरफ्तारी तक
मोहम्मद मुत्तफ़िक अहमद के पुलिस करियर में कई चर्चित आपराधिक मामलों में कार्रवाई शामिल रही है। बिहारशरीफ में 12.5 किलोग्राम चांदी की बरामदगी, पटना के कंकड़बाग में दुष्कर्म के संवेदनशील मामले की जांच, करीब 100 करोड़ रुपये के जाली स्टाम्प पेपर रैकेट का पर्दाफाश और पटना के सीरियल किलर मुकेश की गिरफ्तारी उनकी प्रमुख उपलब्धियों में गिनी जाती हैं।
मुजफ्फरपुर में तैनाती के दौरान अपहरण के कई मामलों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमित, विपुल, ओम प्रजापति और बबलू की बरामदगी के साथ अपहृत स्कूली बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराने में उनका योगदान रहा। नालंदा में अपहृत नवजात शिशु की बरामदगी भी उनके कार्यकाल की उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल है। एक जटिल अंतरराज्यीय हत्या मामले की जांच में सफलता के लिए उन्हें बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से प्रशस्ति-पत्र मिला।

पटना मेट्रो के पहले मुख्य सुरक्षा अधिकारी की निभाई जिम्मेदारी
पटना मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार देने में भी अहमद की भूमिका रही है। उन्हें पटना मेट्रो का प्रथम मुख्य मेट्रो सुरक्षा अधिकारी (Chief Metro Security Officer) नियुक्त किया गया था। इस जिम्मेदारी के तहत उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की प्रारंभिक रूपरेखा तैयार करने, प्रशासनिक समन्वय स्थापित करने और संबंधित विभागों के बीच तालमेल बनाने में योगदान दिया। इस कार्य के लिए उन्हें बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के पुलिस महानिदेशक की ओर से प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किया गया।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा में भी निभाई भूमिका
महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था भी उनके कार्यानुभव का हिस्सा रही है। वर्ष 2024 में पटना में आयोजित G20 Labour Engagement Group Summit के दौरान राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों में उन्होंने योगदान दिया। वहीं, 12 जुलाई 2022 को बिहार विधानसभा शताब्दी स्मृति स्तंभ के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रबंधन में भी उनकी भूमिका रही।
बड़े सरकारी आयोजनों के प्रबंधन में भी मिला सम्मान
मौजूदा जिम्मेदारियों के दौरान अहमद ने बड़े सरकारी कार्यक्रमों के प्रबंधन में भी योगदान दिया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, गांधी मैदान में 18 मई और 18 जून 2026 को आयोजित कार्यक्रमों के प्रभावी प्रबंधन के लिए उन्हें महानिदेशक, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं, बिहार की ओर से प्रशस्ति-पत्र दिया गया।

राज्य पुलिस सेवा से IPS तक, करियर में जुड़ा नया अध्याय
अपराध अनुसंधान, अपहरण के मामलों में कार्रवाई, विशेष प्रशिक्षण, महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा और बड़े आयोजनों के प्रबंधन तक फैला उनका अनुभव पुलिस सेवा में उनकी बहुआयामी भूमिका को दर्शाता है। अब IPS में पदोन्नति के साथ मोहम्मद मुत्तफ़िक अहमद के करियर में एक नया अध्याय जुड़ गया है। 46वें BPSC बैच के टॉपर से भारतीय पुलिस सेवा तक का उनका सफर बिहार पुलिस में उनके लंबे पेशेवर अनुभव और विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन की कहानी कहता है।












