Naitiks Kinderra British PreSchool-Gardanibagh Patna Diwali Celebration--Bihar Aaptak

‘किंडेरा उत्सव’ में बच्चों ने सजाए दीये, बनाई रंगोली, ‘राम आएंगे’ गाने पर जमकर थिरके नन्हे-मुन्ने

पटना। त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का भी खूबसूरत माध्यम होते हैं। इसी उद्देश्य से गर्दनीबाग स्थित Naitik’s Kinderra British School में गुरुवार को विशेष दिवाली समारोह ‘किंडेरा उत्सव’ का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगे दीयों, आकर्षक रंगोलियों, संगीत और नृत्य के बीच नन्हे-मुन्नों ने दीपावली का त्योहार पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया।

कार्यक्रम के दौरान स्कूल का माहौल उत्सव के रंगों में रंगा नजर आया। बच्चों ने मिट्टी के दीयों को अपनी कल्पनाओं और रचनात्मकता से खूबसूरत रंगों में सजाया। किसी ने दीयों पर आकर्षक डिजाइन बनाए तो किसी ने रंगोली के जरिए अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाई। छोटे-छोटे हाथों से तैयार की गई इन कलाकृतियों ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों का उत्साह और उनकी रचनात्मकता देखते ही बन रही थी।

समारोह का सबसे आकर्षक पल तब आया, जब कोरियोग्राफर धर्मवीर सर के साथ बच्चों ने लोकप्रिय भक्ति गीत ‘आज गली-गली अवध सजाएंगे, आज पग-पग पलक बिछाएंगे… नैना भीगे-भीगे जाएं, कैसी खुशी ये छुपाएं, राम आएंगे’ पर शानदार नृत्य प्रस्तुति दी। भगवान श्रीराम के आगमन की खुशी और भक्ति से जुड़े इस गीत पर बच्चों ने बेहद खूबसूरत अंदाज में डांस किया। उनकी मासूम अदाओं और उत्साह ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।

इस अवसर पर स्कूल की डायरेक्टर सारिका चौहान ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति और त्योहारों की परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें आत्मविश्वास और सामूहिक भागीदारी की भावना भी विकसित करते हैं।

Naitiks Kinderra British PreSchool Diwali Celebration-Director Sarika Chauhan-Bihar Aaptak

कार्यक्रम में स्कूल की प्रिंसिपल कामिनी प्रिया और कोऑर्डिनेटर आयशा तबस्सुम भी मौजूद रहीं। शिक्षिकाओं तुलिका गुप्ता, प्रीति सिन्हा, सिम्मी कुमारी और अदिति कुमारी ने बच्चों के साथ मिलकर पूरे आयोजन को यादगार बनाया। ‘किंडेरा उत्सव’ के जरिए स्कूल ने बच्चों को यह संदेश दिया कि दिवाली सिर्फ दीये जलाने और मिठाइयां बांटने का त्योहार नहीं, बल्कि खुशियां साझा करने, अपनी परंपराओं को समझने और आपसी प्रेम का उत्सव भी है। नन्हे-मुन्नों की मुस्कान, रंगों से सजे दीये और ‘राम आएंगे’ की धुन ने इस दिवाली सेलिब्रेशन को खास बना दिया।

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