पटना। बिहार में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया छापेमारी और जांच अभियान साल के 365 दिन लगातार जारी रहेगा।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि पिछले दिनों खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर कई गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। दूध में ऑक्सीटोसिन, फॉर्मेलिन, डिटर्जेंट, यूरिया और स्टार्च जैसे हानिकारक पदार्थों के इस्तेमाल से लेकर फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए प्रतिबंधित रसायनों के उपयोग तक के मामले संज्ञान में आए। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर विशेष टीमों का गठन कर खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और वितरण से जुड़े प्रतिष्ठानों में छापेमारी तथा नमूनों की जांच कराने का निर्णय लिया गया।
इस अभियान के तहत अब तक बिहार के सभी 38 जिलों में 530 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और छापेमारी की जा चुकी है। जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की गई है। इसमें लाइसेंस निलंबित करने, विनिर्माण कार्य बंद कराने, कारण बताओ नोटिस जारी करने और संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त करने जैसी कार्रवाई शामिल है।
365 दिन चलेगा अभियान, बढ़ाया जाएगा विभागीय मानव बल
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने दो टूक कहा कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह अभियान किसी विशेष अवधि या अवसर तक सीमित नहीं है, बल्कि साल के 365 दिन लगातार चलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग में मानव बल बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा सके।
खाद्य कारोबारियों को चेतावनी, आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। नियमों की अनदेखी करने और खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उन्होंने आम नागरिकों से भी खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जांच करने की अपील की। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या मिलावट की आशंका होने पर इसकी जानकारी विभाग को देने का भी आग्रह किया। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध, स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है। बिहार के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी।












