Air Chief Marshal AP Singh conferred Honorary Doctorate at the 6th Convocation of Karnavati University.jpeg

कर्णावती यूनिवर्सिटी के 6वें दीक्षांत समारोह में एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह को दी गयी मानद डॉक्टरेट की उपाधि

गांधीनगर। कर्णावती यूनिवर्सिटी की ओर से गांधीनगर स्थित अपने परिसर में 6वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह, सरिता सिंह (अध्यक्ष, AFFWA) तथा प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता एवं निर्देशक सौरभ शुक्ला विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे।

दीक्षांत समारोह का उद्घाटन कर्णावती यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष रितेश हाडा द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति, समग्र एवं आधुनिक शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता, और समाज की सेवा के लिए दूरदर्शिता एवं सत्यनिष्ठा से परिपूर्ण नागरिक तैयार करने की अपनी संस्थागत जिम्मेदारी पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह को राष्ट्र के प्रति उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। उपाधि ग्रहण करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, “तेज़ी से बदलते इस युग में, जब शिक्षा और नेतृत्व के आयाम लगातार विकसित हो रहे हैं, ऐसे समय में यह सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और अर्थपूर्ण क्षण है।” रितेश हाडा ने कहा, “मैं हमेशा मानता हूँ कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। जीवन का हर चरण सीखने का अवसर प्रदान करता है। यह यात्रा यहीं समाप्त नहीं होती, यह तो केवल प्रारंभिक कदम है। जीवन में अनेक पड़ाव आएंगे, और हर कदम पर निरंतर सीखते रहना ही सफलता की कुंजी है।”

स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह ने उनकी उपलब्धियों की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “चाहे आप विद्यार्थी हों, शिक्षक हों या नेतृत्व की भूमिका में हों हर व्यक्ति किसी भी क्षण आपको कुछ न कुछ मूल्यवान सिखा सकता है। मैं स्वयं भी प्रतिदिन सीखता हूँ। जीवन आपको जहाँ भी ले जाए, आप हमेशा विनम्र बने रहें धरती से जुड़े रहें और अपनी जड़ों पर गर्व करें। सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनें, यही सच्ची महानता की शुरुआत है। जो भी हमें बाँटता है वह हमारे लिए हितकारी नहीं है। हमेशा भारत को एकजुट बनाए रखें क्योंकि क्योंकि आप सबसे पहले भारतीय हैं।”

एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह को राष्ट्र के प्रति उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। उपाधि ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा, “तेज़ी से बदलते इस युग में, जब शिक्षा और नेतृत्व के आयाम लगातार विकसित हो रहे हैं, ऐसे समय में यह सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और अर्थपूर्ण क्षण है।”

समारोह के मुख्य अतिथि सौरभ शुक्ला को मानद उपाधि से सम्मानित करने के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय को अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में बौद्धिक साहस, स्वतंत्र सोच और मौलिक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने प्रयासों में हमेशा जिज्ञासु, करुणाशील और नवोन्मेषी बने रहें। रितेश हाडा ने भारतीय सशस्त्र सेनाओं के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय की नवाचार और शोध के माध्यम से समाज सेवा की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “कर्णावती यूनिवर्सिटी में विभिन्न ज्ञान-विषयों की शिक्षा के साथ-साथ, भारतीय सैन्य सेवाओं की आवश्यकताओं को हमारे शोध और नवाचार के माध्यम से पूरा करना हमारे प्रमुख और पवित्र मूल्यों में से एक है।”

इसके बाद विश्वविद्यालय के डिज़ाइन, बिज़नेस, लिबरल आर्ट्स एवं मास कम्यूनिकेशन, लॉ, टेक्नोलॉजी और डेंटिस्ट्री स्कूलों के विद्यार्थियों को डिग्रियाँ और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जो उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता और समर्पण का उत्सव थे। रजिस्ट्रार ने दीक्षांत प्रतिज्ञा का संचार करते हुए विद्यार्थियों से ईमानदारी, जिम्मेदारी और समाज सेवा के मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प दिलाया। इस वर्ष विश्वविद्यालय के 6 प्रतिष्ठित कॉलेजों से कुल 1,400 स्नातक नई जीवन-यात्रा की ओर अग्रसर हुए। 36 एकड़ में विस्तारित यह जीवंत और समृद्ध परिसर जिसमें प्रतिवर्ष 8,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययन करते हैं कर्णावती यूनिवर्सिटी को एक गतिशील, प्रेरणादायक और अग्रणी शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करता है।

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