देहरादून। सामाजिक संगठन ‘जेबीपी फाउंडेशन’ ने अपने सातवें स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश और बिहार के तीन राज्यों के 34 सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत 181 मेधावी छात्रों को कुल 4.56 लाख रुपये की प्रोत्साहन एवं सहयोग राशि वितरित की। यह राशि संस्था द्वारा किसी एक वर्ष में वितरित की गई अब तक की सर्वाधिक सहायता राशि बताई जा रही है।
स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न विद्यालयों में प्रेरणादायक (मोटिवेशनल) कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूर्व बैंक अधिकारी एवं ग्राम हटाल निवासी एस.एन. शर्मा द्वारा स्थापित जेबीपी फाउंडेशन की नींव अपने स्वर्गीय माता-पिता एवं बड़े भाई की स्मृति में रखी गई थी। इस संगठन की स्थापना का मूल उद्देश्य गरीब और संघर्षशील परिवारों के होनहार छात्रों को आर्थिक सहयोग प्रदान करना है, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़कर स्वयं को और अपने परिवार को सशक्त बना सकें तथा राष्ट्र की मानव सम्पदा के रूप में विकसित हो सकें।

20 दिसंबर 2018 को उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में स्थापित यह मिशन, 20 दिसंबर 2025 को अपने सात वर्ष पूर्ण कर चुका है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के 17, उत्तराखण्ड के 15 और बिहार के 2 सरकारी विद्यालयों में मोटिवेशनल सत्र एवं सम्मान समारोह आयोजित किए गए। संस्था के अनुसार, अपनी स्थापना से लेकर अब तक जेबीपी फाउंडेशन 904 छात्रों को कुल 24.58 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत एवं वितरित कर चुका है। संगठन के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सदस्यों की संख्या 270 है। संस्था का उदघोष वाक्य है—संघर्षशील परिवारों के होनहार छात्रों का सारथी।

सहायता की स्पष्ट और लक्षित नीति
जेबीपी फाउंडेशन का मानना है कि जूनियर हाई स्कूल तक अधिकांश राज्यों में मिड-डे मील तथा हाई स्कूल तक ड्रेस और किताबों जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इसी कारण संस्था मुख्य रूप से हाई स्कूल के बाद अत्यंत गरीब परिवारों के होनहार छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसके साथ-साथ संगठन द्वारा निम्नलिखित गतिविधियां भी नियमित रूप से संचालित की जाती हैं—
- यदि किसी गरीब परिवार के छात्र ने बोर्ड परीक्षा में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों और परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो, तो आवेदन प्राप्त होने पर संस्था द्वारा 12 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिससे छात्र ड्रेस, जूते, किताबें आदि आवश्यक वस्तुएं तथा सरकारी विद्यालय की फीस जमा कर सके।
- यदि किसी छात्र ने बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों, परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो तथा घर के कमाने वाले सदस्य का निधन हो चुका हो, लेकिन छात्र पढ़ाई के प्रति इच्छुक हो, तो ऐसे छात्र को भी 12 हजार रुपये की सहायता राशि तत्काल प्रदान की जाती है।
- किसी बेरोजगार छात्र को यदि नौकरी की परीक्षा या इंटरव्यू के लिए दूरस्थ क्षेत्र में जाना हो और आर्थिक अभाव के कारण वह यात्रा करने में असमर्थ हो, तो आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने पर संस्था द्वारा आवागमन, भोजन एवं ठहरने का पूरा खर्च वहन किया जाता है।
- स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित मोटिवेशनल कार्यक्रमों के दौरान प्रत्येक सरकारी विद्यालय में प्रत्येक कक्षा के टॉपर छात्र को 1100 रुपये नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
- यदि संस्था का कोई सदस्य किसी भी सरकारी विद्यालय में मोटिवेशनल स्पीच देता है, तो वह अपने संबोधन के पश्चात विद्यालय के एक सर्वश्रेष्ठ छात्र को 2100 रुपये का चेक प्रदान कर उसे प्रोत्साहित कर सकता है।

संगठन की मान्यता और उद्देश्य
जेबीपी फाउंडेशन का स्पष्ट मानना है कि—
- गरीब परिवारों के होनहार छात्र भी अपने सपनों को साकार करने के पूर्ण अधिकारी हैं।
- पिता की मृत्यु के बाद जिन परिवारों में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, उनके सपने टूटने नहीं चाहिए।
- साक्षात्कार एवं नौकरी परीक्षा हेतु यात्रा सुविधा देकर छात्रों को रोजगार दिलाया जा सकता है, जिससे उनका परिवार गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकल सके।
- प्रत्येक कक्षा के शीर्ष छात्रों को प्रोत्साहन राशि देने से विद्यालयों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनता है।

संस्थापक का संदेश
इस अवसर पर संस्था के संस्थापक एस.एन. शर्मा ने कहा कि जेबीपी फाउंडेशन का सपना है कि गरीबी के मकड़जाल में फंसे हर होनहार छात्र की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। इसके लिए जेबीपी परिवार के सभी सदस्य अपनी क्षमता के अनुसार अपनी आय का एक हिस्सा साझा संग्रह खाते में जमा करते हैं, जिसे पूरी पारदर्शिता के साथ छात्रों के बीच वितरित किया जाता है। उन्होंने समाज के सक्षम वर्ग से भी आह्वान किया कि वे अपनी आय का मात्र 1 प्रतिशत समाजहित के ऐसे प्रयासों में लगाएं। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं है कि यह कार्य केवल जेबीपी फाउंडेशन के माध्यम से ही किया जाए, बल्कि कोई भी सक्षम व्यक्ति अपने क्षेत्र में इस प्रकार की पहल कर सकता है। यह भी एक प्रकार की राष्ट्रभक्ति है, जिसके लिए किसी विशेष परिधान की आवश्यकता नहीं होती।

कार्यक्रम में सहभागिता और आभार
संलग्न चित्रों में पहला चित्र जेबीपी मिशन के प्रमुख सदस्य सुरेन्द्र शर्मा का है, जबकि अन्य सभी चित्र उन विद्यालयों के हैं, जिन्होंने अपने-अपने कार्यक्रमों की झलक संस्था के साथ साझा की। सुरेन्द्र शर्मा ने इस अवसर पर अपनी भावनाएं एक वीडियो संदेश के माध्यम से भी साझा कीं, जिसे उपस्थित लोगों ने भावुकता के साथ देखा।
संस्था ने उन सभी विद्यालयों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपनी व्यस्त दिनचर्या और ठंडे मौसम के बावजूद पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रमों का आयोजन किया। साथ ही, जेबीपी परिवार के सभी सदस्यों को इस व्यापक आयोजन के लिए विशेष रूप से सराहा गया, जिनके निरंतर त्याग और सहयोग के बिना इस तरह का आयोजन संभव नहीं होता। अंत में, जेबीपी फाउंडेशन की ओर से सभी सहयोगियों, सदस्यों और विद्यालय परिवारों के प्रति हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया।












