पटना। चर्चा थी कि पटना में आयोजित राष्ट्रीय जनता दल की कार्यकारिणी की बैठक में कुछ बड़ा होेने वाला है। मीडिया हलकों में खबरें चल रही थीं कि हो न हो इस बार लालू प्रसाद यादव राजद की कमान अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव या बड़ी बेटी मीसा भारती को सौंप सकते हैं, पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। पार्टी को देशभर में जन-जन तक पहुंचाने के प्रण के साथ फैसला लिया गया कि फिलहाल लालू प्रसाद यादव ही पार्टी के सुप्रीमो बने रहेंगे।
राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में गुरुवार को कई अहम निर्णय लिए गए। हालांकि राजद की कमान लालू यादव के हाथों से किसी अन्य को सौंपने की अटकलों को कोई मुकाम नहीं मिला और फिलहाल लालू यादव ही राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे। बता दें कि राजद का राष्ट्रीय अधिवेशन अब इसी साल 11 अक्टूबर को दिल्ली में होगा, जिसमें पार्टी के सांगठनिक विस्तार को नया रूप दिया जा सकता है।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि आज के कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय परिषद की बैठक का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। पार्टी ने 12 फरवरी महीने से सदस्यता अभियान चलाने का फैसला लिया है। 20 जून, 2022 तक यह सदस्यता अभियान चलेगा। सदस्यता अभियान पूरे बिहार में चलाया जाएगा, वहीं राज्य कार्यकारिणी का चुनाव 22 सितंबर होगा जिसके बाद 11 अक्टूबर को दिल्ली में राष्ट्रीय अधिवेशन होगा।
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि राजद का संगठन पूरे देश में सशक्त है। इस समय हमारी पार्टी का संगठन 25 राज्यों में है। इसे और ज्यादा विस्तार दिया जाएगा। हम उत्तर से दक्षिण तक संगठन को मजबूत करने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं के एकजुट होने की बात कही, साथ ही केंद्र और बिहार सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ राजद का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने देश की समस्याओं को नजरंदाज करने के लिए केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की।