PMCH Doctors creat history in Health Minister Nishant-Bihar Aaptak

खेल खेल में बच्चे की साँस नली में पहुंची सीटी, PMCH के डॉक्टरों ने ब्रोंकोस्कोपी से बचाई जान

पटना। सीटी बजाना 12 वर्षीय बच्चे के लिए उस वक्त जानलेवा बन गया, जब खेल-खेल में सीटी सांस के साथ अंदर चली गई और ब्रोंकस में जाकर फंस गई। सांस लेने में गंभीर परेशानी पैदा करने वाली इस स्थिति में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) के डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे का सफल उपचार किया। पल्मोनरी विभाग की टीम ने ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग के सहयोग से ब्रोंकोस्कोपी के जरिये सीटी को बाहर निकाल लिया। समय पर मिले इलाज और डॉक्टरों की सूझबूझ से बच्चे की जान बच सकी।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ राजीव ने बताया कि बेलागंज, गया जी निवासी 12 वर्षीय गौतम कुमार सीटी बजा रहा था। इसी दौरान उसने गलती से सीटी को सांस के साथ अंदर खींच लिया। सीटी सांस के रास्ते ब्रोंकस में जाकर फंस गई। मामले की जानकारी मिलते ही पल्मोनरी विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ साइमा एजाज के नेतृत्व में टीम ने बच्चे की जांच की और ब्रोंकोस्कोपी के जरिये विदेशी वस्तु निकालने का निर्णय लिया।

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पीएमसीएच के ईएनटी ऑपरेशन थिएटर नंबर-2 में ब्रोंकोस्कोपी की मदद से सीटी को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। इस जटिल प्रक्रिया में पल्मोनरी विभाग की टीम के साथ जूनियर रेजिडेंट डॉ आदित्य और डॉ रोशन ने सहयोग किया। पूरी प्रक्रिया एचओडी प्रो. बीके चौधरी और वरिष्ठ शिक्षक डॉ समरेंद्र झा के मार्गदर्शन में पूरी की गई।

बच्चे के सुरक्षित उपचार में ईएनटी विभाग की एचओडी प्रो. प्रीति शर्मा और उनकी पूरी टीम ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। वहीं, एनेस्थीसिया टीम ने प्रक्रिया के दौरान बच्चे को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई। टीम को प्रो. सुदामा का मार्गदर्शन मिला।

इस पूरे मामले में पीएमसीएच की पल्मोनरी, ईएनटी और एनेस्थीसिया टीम के बीच बेहतर तालमेल और तत्परता ने एक बार फिर यह दिखाया कि आपात स्थिति में समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। अस्पताल प्रशासन ने संयुक्त टीम के प्रयास की सराहना की है।

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