Bihar Police IPS Rakesh Kumar awarded DGP Preeta Kumar-Bihar Aaptak

पिपिंग सेरेमनी में DGP प्रीता वर्मा ने राकेश कुमार को पहनाया IPS का बैज!

पटना। बिहार पुलिस की राज्य सेवा से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नत 14 अधिकारियों की पिपिंग सेरेमनी आयोजित की गई। इस अवसर पर बिहार की पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रीता वर्मा ने राकेश कुमार को IPS का Insignia पहनाकर सम्मानित किया। 47वीं BPSC परीक्षा के टॉपर रहे राकेश कुमार ने इस उपलब्धि को अपने पेशेवर जीवन का गौरवपूर्ण और यादगार पड़ाव बताया।

आईपीएस में पदोन्नति के बाद राकेश कुमार ने इसके लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और आशीर्वाद के प्रति आभार जताते हुए कहा कि नई जिम्मेदारी के साथ वे ईमानदारी, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ जनसेवा के अपने संकल्प को और मजबूत करेंगे। इस भावुक अवसर पर उन्होंने अपने दिवंगत पिता को याद किया और अपनी मां के आशीर्वाद तथा जीवनभर के संघर्षों को सफलता का आधार बताया। साथ ही, उन्होंने अपने भाई और पत्नी के निरंतर सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

राकेश कुमार ने वर्ष 2009 में नालंदा में प्रोबेशनरी डीएसपी के रूप में पुलिस सेवा की शुरुआत की। वर्ष 2011 में सिटी डीएसपी, गया के पद पर रहते हुए उन्होंने अपहरण और फिरौती के दो सनसनीखेज मामलों का सफल उद्भेदन किया, जिनमें सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सात वर्षीय बालक गोलू का अपहरण भी शामिल था। वर्ष 2013 में एसडीपीओ, कटिहार सदर के रूप में उन्होंने संपत्ति संबंधी कई अपराधों का उद्भेदन किया। वर्ष 2015 में उनकी पदस्थापना सीतामढ़ी में हुई और वर्ष 2018 में वे एसडीपीओ, शिवहर के पद पर कार्यरत रहे।

बिहार आपतक से बातचीत में राकेश कुमार ने बताया कि शिवहर में 11 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म और हत्या के जघन्य मामले का सफल अनुसंधान एवं उद्भेदन करने के लिए उन्हें वर्ष 2023 में केंद्रीय गृह मंत्री का उत्कृष्ट अनुसंधान पदक (Union Home Minister’s Medal for Excellence in Investigation) प्रदान किया गया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2021 में एसडीपीओ, खड़गपुर (मुंगेर) और वर्ष 2024 में एसडीपीओ, लखीसराय के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने विशेष कार्य बल (STF) तथा एसडीपीओ, बाढ़ (पटना) में भी जिम्मेदारियां निभाईं।

वर्तमान में राकेश कुमार कमांडेंट, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल-4/18, डुमरांव, बक्सर के पद पर कार्यरत हैं। अपने सेवाकाल में उन्होंने अपहरण, फिरौती, हत्या, दुष्कर्म और संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों के अनुसंधान एवं उद्भेदन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का पदक उनकी व्यावसायिक दक्षता, कर्तव्यनिष्ठा और अपराध अनुसंधान के प्रति समर्पण का प्रमाण है। IPS में पदोन्नति उनके लिए केवल एक बड़ी पेशेवर उपलब्धि नहीं, बल्कि परिवार के त्याग, संघर्ष और सहयोग का भी प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने देश और समाज की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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