Bihar Health Minister Nishant Kumar and IAS Kumar Ravi in Action Mode in Bihar-Bihar Aaptak

लोगों ने अब तक नहीं देखी स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव की ऐसी जोड़ी! ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है…

पटना। बिहार में मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री निशांत और स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि की जोड़ी लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य संरक्षा विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। बड़े-बड़े होटल, नामी रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानें, डेयरी, खाद्य निर्माण इकाइयां और ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के वेयरहाउस तक जांच के दायरे में हैं। आम लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चा है। लोगों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह बड़े प्रतिष्ठानों पर लगातार कार्रवाई पहले कम ही देखने को मिली है। संदेश साफ है—खाने-पीने की चीजों में गड़बड़ी और लोगों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने खाद्य सुरक्षा को लेकर निगरानी तेज कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के विशेष निर्देश पर 27 अगस्त से राज्यभर में खाद्य पदार्थों से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच और कार्रवाई का अभियान लगातार चल रहा है। इस दौरान होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानें, खाद्य निर्माण इकाइयां, पैकेज्ड पेयजल इकाइयां और होम डिलीवरी कंपनियों के वेयरहाउस समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है।

विभागीय कार्रवाई के तहत 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जबकि दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। अन्य प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए सुधार नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित प्रावधानों के तहत उल्लंघन के मामलों में तीन महीने तक कारावास और तीन लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।

पटना में सबसे ज्यादा जांच, खराब खाद्य सामग्री पर कार्रवाई

खाद्य संरक्षा विभाग की कार्रवाई में पटना पर विशेष जोर दिया गया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में होटलों, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों, डेयरी, फास्ट फूड सेंटर, पैकेज्ड पेयजल इकाइयों और ऑनलाइन खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले स्टोरों की जांच की गई है। इस दौरान खराब और दुर्गंधयुक्त पनीर, मिठाई, दूध, एक्सपायरी खाद्य सामग्री तथा अन्य असुरक्षित उत्पादों को जब्त कर नष्ट कराया गया है।

विभाग की टीमें केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भंडारण, रसोई की साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, इस्तेमाल किए जा रहे पानी की गुणवत्ता और वैध खाद्य लाइसेंस की भी जांच कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस देने के साथ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

बिना लाइसेंस पानी की पैकेजिंग पर भी शिकंजा

पटना के संपतचक, गौरीचक और आसपास के क्षेत्रों में पैकेज्ड पेयजल इकाइयों की जांच की गई। इस दौरान महादेव इंटरप्राइजेज, त्रिवेणी नीर समेत अन्य प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं सामने आईं। कुछ इकाइयों में वैध लाइसेंस के बिना पानी की पैकेजिंग और विभिन्न ब्रांडों के लेबल के इस्तेमाल से जुड़ी गड़बड़ियां पाई गईं।

विभाग ने संबंधित इकाइयों में उत्पादन एवं संचालन बंद कराने की कार्रवाई की। साथ ही खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले पैकेज्ड पेयजल की गुणवत्ता और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बड़े होटल और नामी रेस्टोरेंट भी जांच के घेरे में

पटना के प्रमुख होटलों और रेस्टोरेंट में भी विशेष जांच अभियान चलाया गया। होटल गार्गी ग्रैंड, पाटलिपुत्र एग्जॉटिका, द पनाश और होटल मौर्या समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान रसोई की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की गुणवत्ता से संबंधित कमियां सामने आईं।

कुछ स्थानों पर शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे पाए गए, जबकि कई प्रतिष्ठानों में एक्सपायरी और खराब खाद्य सामग्री मिली। संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का सुधार नोटिस दिया गया।

इसके अलावा पटना के विभिन्न KFC आउटलेट, Barbeque Nation और Pizza Hut में भी जांच की गई। बुद्ध मार्ग स्थित Barbeque Nation से 30 किलोग्राम दुर्गंधयुक्त पनीर और चार किलोग्राम चावल जब्त कर नष्ट किए गए। वहीं, 15 किलोग्राम पैक्ड चिकन के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई।

फ्रेजर रोड स्थित Barbeque Nation में ब्रेड के पैकेट में कीड़े पाए गए। यहां 20 लीटर जला हुआ तेल भी जब्त कर नष्ट किया गया। बोरिंग कैनाल रोड स्थित KFC में औद्योगिक उपयोग के 835 प्लास्टिक गिलासों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई। पिस्ता हाउस में भी कई तरह की कमियां सामने आईं। इसके साथ ही प्रमुख मिठाई दुकानों का भी निरीक्षण किया गया।

बिहार के दूसरे जिलों में भी लगातार कार्रवाई

खाद्य संरक्षा विभाग का अभियान केवल पटना तक सीमित नहीं है। पिछले तीन महीनों के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रोहतास में 41, सारण में 40, गोपालगंज में 37, सीवान में 27, गया में 26, वैशाली में 24 और मुजफ्फरपुर में 20 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

भागलपुर और पश्चिम चंपारण में 18-18, पूर्णिया में 16, भोजपुर और समस्तीपुर में 15-15 तथा दरभंगा और पूर्वी चंपारण में 14-14 प्रतिष्ठानों की जांच हुई। अरवल और कैमूर में 13-13, कटिहार में 12, मधुबनी, सहरसा और सीतामढ़ी में 10-10, खगड़िया में सात, सुपौल में छह और बेगूसराय में पांच प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

अररिया, औरंगाबाद, मधेपुरा और नालंदा में चार-चार, बांका, बक्सर और जहानाबाद में तीन-तीन, जमुई, लखीसराय और मुंगेर में दो-दो तथा किशनगंज और नवादा में एक-एक प्रतिष्ठान की जांच की गई। वैशाली, मुजफ्फरपुर, सुपौल समेत कुछ अन्य जिलों में पैकेज्ड पेयजल, पनीर और अन्य खाद्य सामग्री को असुरक्षित पाए जाने पर नष्ट कराया गया।

आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार सरकार का खाद्य संरक्षा विभाग के स्तर से राज्यभर में निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, रसोई की स्वच्छता, खाद्य संरक्षा मानकों के अनुपालन और वैध लाइसेंस की जांच की जा रही है। सभी प्रमुख होटल, रेस्तरां, मिठाई प्रतिष्ठान, खाद्य निर्माण इकाइयां और पैकेज्ड पेयजल से जुड़े कारोबार विशेष रूप से जांच के दायरे में हैं। आमजन के स्वास्थ की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

निशांत (मंत्री, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार)

खाद्य सुरक्षा से समझौता नहीं, जारी रहेगा अभियान

बिहार सरकार का खाद्य संरक्षा विभाग राज्यभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, रसोई की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चला रहा है। होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई प्रतिष्ठान, खाद्य निर्माण इकाइयां और पैकेज्ड पेयजल से जुड़े कारोबार विशेष निगरानी में हैं।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत की ओर से आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। विभाग का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि बाजार में लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिले। इसके लिए नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का संदेश दिया गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस मुहिम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत के निर्देश और स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि की निगरानी के बीच अब होटल-रेस्टोरेंट से लेकर खाद्य निर्माण इकाइयों तक जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। विभाग की कार्रवाई से साफ है कि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों को जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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