पटना। स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अरवल, भोजपुर, लखीसराय एवं सहरसा जिलों के सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अस्पतालों के ड्यूटी रोस्टर, सर्जरी सेवाओं, भव्या (BHAVYA) पोर्टल पर स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन प्रविष्टि तथा रेफरल व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों एवं अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में रोस्टर ड्यूटी का रोटेशन नियमों के अनुसार कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई चिकित्सक बिना स्वीकृत अवकाश के रोस्टर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाते हैं तो उसकी तत्काल सूचना विभाग को दी जाए। ऐसे चिकित्सकों के विरुद्ध निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी अस्पतालों में भेजने के मामलों में यदि किसी चिकित्सक की संलिप्तता जांच में सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सचिव ने ये भी कहा कि सरकारी ड्यूटी के दौरान गैर हाजिर रहते हुए निजी प्रैक्टिस किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई चिकित्सक ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बेहतर कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित भी किया जाएगा।
जिलावार समीक्षा के दौरान सचिव महोदय ने जिला अस्पतालों में उपलब्ध 24×7 आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन पर संतोष व्यक्त किया, वहीं जिन जिलों में इन सेवाओं में सुधार की आवश्यकता पाई गई, वहां उन्हें और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। भोजपुर जिले की समीक्षा के दौरान पाया गया कि सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर की नियमित एवं प्रभावी ढंग से निगरानी सिविल सर्जन द्वारा की जा रही है, जिसकी स्वास्थ्य सचिव ने सराहना करते हुए अन्य जिलों को भी इस मॉडल को अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलों के सिविल सर्जन को अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों से अधिक से अधिक सर्जरी सुनिश्चित कराने तथा ड्यूटी रोस्टर के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से 24×7 इमरजेंसी सेवाओं को और अधिक मजबूत एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।











