Bihar Health Minister Nishant and Health Secretary Kumar Ravi at IGIMS-Bihar Patna

कटे होंठ-तालु वाले बच्चों के चेहरे पर लौट रही मुस्कान, अब तक 98 बच्चों की फ्री सर्जरी

पटना। बिहार सरकार बच्चों को स्वस्थ और बेहतर जीवन देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कटे होंठ, कटे तालु और टंग टाई जैसी जन्मजात समस्याओं से प्रभावित बच्चों के लिए विशेष सर्जरी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 15 अक्टूबर 2026 तक राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कुल 98 बच्चों की सफल सर्जरी की जा चुकी है। निःशुल्क उपचार की इस पहल से बच्चों को स्वस्थ जीवन जीने का अवसर मिल रहा है और उनके परिवारों में खुशी लौट रही है।

हर बच्चे को हर हाल में मिले बेहतर उपचार : स्वास्थ्य मंत्री निशांत

स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य जन्मजात समस्याओं से प्रभावित हर बच्चे को समय पर बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। कटे होंठ और तालु जैसी समस्याओं के कारण बच्चों और उनके परिवारों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह विशेष अभियान ऐसे बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारा प्रयास है कि कोई भी जरूरतमंद बच्चा उपचार से वंचित न रहे।

12 चिकित्सा संस्थानों में विशेष सर्जरी अभियान, 15 अक्टूबर तक 98 बच्चों का सफल ऑपरेशन

स्वास्थ्य विभाग द्वारा 2 अक्टूबर से 14 नवंबर 2026 तक विशेष सर्जरी अभियान चलाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) से की गई थी। अभियान में राज्य के 12 प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को शामिल किया गया है। 15 अक्टूबर 2026 तक प्रशांत चैरिटेबल, मुजफ्फरपुर में सर्वाधिक 26 बच्चों की सर्जरी की गई है। वहीं पीएमसीएच पटना में 17, जेएलएनएमसीएच भागलपुर में 11, एम्स पटना में 11, मेडीवर्सल पटना में 8, एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में 7, एएनएमएमसीएच गयाजी में 7, एनएमसीएच पटना में 5, कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल पटना में 4 और डीएमसीएच दरभंगा में 2 बच्चों की सफल सर्जरी हुई है।

राज्य स्वास्थ्य समिति और स्माइल ट्रेन इंडिया के बीच पांच वर्षों के लिए समझौता

गौरतलब है कि राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार और स्माइल ट्रेन इंडिया के बीच 25 अगस्त 2026 को पांच वर्षों के लिए समझौता हुआ था। इसके तहत कटे होंठ और तालु से प्रभावित बच्चों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीमें बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेज रही हैं। इस पहल से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत और बच्चों को स्वस्थ जीवन मिल रहा है।

हर जरूरतमंद बच्चे को समय पर बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता : स्वास्थ्य मंत्री निशांत

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