पटना। कहते हैं कि सपनों को पूरा करने के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा जरूरी होते हैं मजबूत इरादे, निरंतर मेहनत और खुद पर भरोसा। बिहार के बेगूसराय जिले के रजौरा गांव के रहने वाले कांतेश कुमार ने इस बात को अपनी सफलता से साबित कर दिया है।
किसान अजीत कुमार और आंगनबाड़ी सेविका अंशु देवी के बेटे कांतेश कुमार ने BPSC की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल करते हुए SDM (Sub-Divisional Magistrate) जैसे प्रतिष्ठित पद पर चयन पाया है। यही नहीं, इसी परीक्षा के माध्यम से उनका चयन CDPO पद के लिए भी हुआ है। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस सफलता के लिए किसी भी कोचिंग या ऑनलाइन क्लास का सहारा नहीं लिया, बल्कि पूरी तैयारी केवल सेल्फ स्टडी के दम पर की।
कांतेश कुमार की यह सफलता न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं। यह कहानी बताती है कि मंजिल तक पहुंचने के लिए महंगी कोचिंग नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और माता-पिता का विश्वास सबसे बड़ी ताकत होती है।
कांतेश शुरू से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं। वर्ष 2017 में उन्होंने बिहार के प्रतिष्ठित सिमुलतला आवासीय विद्यालय से 10वीं की परीक्षा में पूरे राज्य में 8वीं रैंक हासिल की। इसके बाद 2019 में विकास विद्यालय, शिक्षक नगर, डुमरी (बेगूसराय) से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल NIT त्रिची से 2023 में सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा को अपना लक्ष्य बनाया और महज तीन वर्षों में एक के बाद एक 5 प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों में सफलता हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया।
3 साल में हासिल कीं 5 सरकारी नौकरियां
- 2023: पोस्टल असिस्टेंट के पद पर चयन, लेकिन बड़े लक्ष्य के लिए जॉइन नहीं किया।
- 2025: SSC CGL के माध्यम से ऑडिटर पद पर चयन, जहां वे पिछले एक वर्ष से कार्यरत हैं।
- इनकम टैक्स विभाग: ऑफिस सुपरिटेंडेंट पद पर अंतिम चयन।
- BPSC: पहले ही प्रयास में SDM पद पर चयन।
- BPSC: इसी परीक्षा में CDPO पद पर भी चयन।
अपनी सफलता का श्रेय कांतेश लगातार मेहनत, अनुशासन और सेल्फ स्टडी को देते हैं। उनका कहना है कि यदि कोई छात्र निरंतरता (Consistency) बनाए रखे, सही रणनीति के साथ पढ़ाई करे और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहे, तो कोई भी प्रतियोगी परीक्षा असंभव नहीं होती। हालांकि SDM बनना उनका एक बड़ा सपना था, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य अभी भी बाकी है। कांतेश अब UPSC की परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनना चाहते हैं, ताकि बड़े स्तर पर देश और समाज की सेवा कर सकें।












