पटना। बिहार की राजनीति बाकी राज्यों से बिल्कुल अलग है। यूं कहें कि देश की राजनीति बिहार या उत्तर प्रदेश से ही तय होती है। पर, हाल के दिनों में राज्य की एक प्रमुख पार्टी के अंदर बहुत उठापटक चल रहा है। बिहार की सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद के यादव के दोनों बेटे तेज प्रताप यादव व तेजस्वी यादव के बीच इन दिनों कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। इस लड़ाई को खुद तेजप्रताप ने शनिवार को जगजाहिर भी कर दिया।
राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि लालू परिवार में छिड़ी जंग अब आखिरी मुकाम पर पहुंचती नजर आ रही है। लालू-राबडी के बडे बेटे तेजप्रताप ने तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि लालू यादव को बंधक बनाकर दिल्ली में रखा गया है, उन्हें पटना नहीं आने दिया जा रहा है। तेजप्रताप ने कहा कि जो लोग राजद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का सपना देख रहे हैं उनका सपना पूरा नहीं होने देंगे। तेजप्रताप ने कहा कि कुछ लोगों ने राजद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का सपना देख लिया है। वो कौन लोग हैं उन्हें सब जानता है। उनका नाम लेने की जरूरत नहीं है। पिता जी को जेल से आये हुए महीना भर, साल भर हो गया है। वही लोग हमारे पिता जी को दिल्ली में ही रोक कर रखा है।
बता दें कि तेजप्रताप यादव ने अपना नया संगठन छात्र जनशक्ति परिषद बनाया है। संगठन के प्रशिक्षण शिविर में तेजप्रताप ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा “हमारे पिताजी दिल्ली में हैं। हमने पिता जी से बात किया, हमारे साथ चलिये पटना। हम साथ-साथ में रहेंगे। आप आइये देखिये। वो रहते थे तो हमारे घर का दरवाजा खुला रहता था। वो आउटहाउस में बैठे रहते थे और महान जनता से मिलने जुलने का काम करते थे। कुछ लोगों ने क्या किया, जनता से मिलने के लिए रस्सा बंधवाया। जनता हमसे दूर रहे। वाह जी वाह। हमारे पिता को आने नहीं दे रहे हैं। बंधक बना कर रखे हैं दिल्ली में।” उन्होंने कहा कि पर, लोग यह भी जान लें कि हम किसी का यह सपना पूरा नहीं होने देंगे।
राजनीति विश्लेषकों के अनुसार तेजप्रताप यादव के इस भाषण के बाद साफ हो गया है कि लालू फैमिली की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गयी है। वैसे भी तेज महीने भर से ज्यादा समय से राजद से दूरी बना ली है। उससे पहले उन्होंने तेजस्वी यादव से लेकर उनके खास संजय यादव और राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पर बेहद तीखा हमला बोला था।
तेजप्रताप यादव ने कहा कि पार्टी में जो काम हो रहा है उससे संगठन बढ़ेगा नहीं बल्कि टूट जायेगा। ऐसे काम नहीं चलने वाला है। मेरे पिता जी अस्वस्थ चल रहे हैं इसलिए हम कोई प्रेशर नहीं देना चाहते हैं। वे बीमारी से जूझ रहे हैं, पर अफसोस कुछ लोग इसका नाजायज फायदा उठा रहे हैं। तेजप्रताप यादव के इस भाषण के बाद साफ हो गया है कि लालू फैमिली की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गयी है। उससे पहले उन्होंने तेजस्वी यादव से लेकर उनके खास संजय यादव और राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पर बेहद तीखा हमला बोला था। तेजप्रताप इस बात से खफा थे कि उनके खास और छात्र राजद के अध्यक्ष आकाश यादव को पद से हटा दिया गया था। मामला सिर्फ पद से हटाने का नहीं था, बल्कि तेजप्रताप लंबे समय से छात्र राजद का काम देख रहे थे और उन्हें इससे बेदखल कर दिया गया था, यानी कि पार्टी से उन्हें पूरी तरह आउट कर दिया गया था। अब इस तरह तेजप्रताप के भाषण से आगे पार्टी के अंदर क्या होगा, सबकी निगाहें इसी पर टिकी हैं।
