रूपेश सिंह हत्याकांड: इस मर्डर मिस्ट्री में कहीं गार्ड मनोज लाल भी तो नहीं शामिल?

पटना में इंडिगो एयरलाइंस (Indigo Airlines) के स्टेशन हेड (Indigo Station Manager) रूपेश सिंह (Rupesh Singh) की उनके घर के बाहर हत्या से बिहार में कोहराम मच गया है। पुलिस की कार्यशैली पर अब एक बार फिर से सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। इसके अलावा कई ऐसे पहलू हैं जिस पर जांच जरूरी है। मसलन, सीसीटीवी खराब होना, गार्ड का उसी समय गायब रहना। दरअसल, रूपेश सिंह (Rupesh Singh) रोज सात बजे के आसपास ही एयरपोर्ट से अपने घर लौटते थे और उस वक्त गार्ड का मौजूद नहीं रहना भी कई सवाल खड़े करता है।

जिस तरह से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है, उससे लग रहा है कि हत्यारों को रूपेश (Rupesh Singh) के घर आने-जाने की टाइमिंग के बारे में बहुत अच्छे से पता था। मंगलवार को भी रूपेश के एयरपोर्ट से निकलने और घर पहुंचने की हत्यारों को जानकारी थी। या तो पहले से ही अपार्टमेंट के बाहर घात लगाकर बैठे हुए थे या फिर वो उनकी गाड़ी के साथ ही अपार्टमेंट तक आए, साथ ही जिस गली में रूपेश का अपार्टमेंट है, वो एक तरफ से बंद है। जाहिर तौर पर अपराधियों को इसकी भी जानकारी थी और हत्याकांड के बाद वो उसी रास्ते से भाग निकले जिधर से रूपेश आए थे।

रूपेश सिंह के तमाम बड़े लोगों के साथ अच्छे सम्बंध थे। हालिया विधानसभा चुनाव में भी रूपेश के चुनाव लड़ने की चर्चा थी। इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड के बाद से ही पुलिस महकमे और सरकारी तंत्र में हड़कम्प मचा हुआ है। हालांकि ये हत्याकांड अब तक एक ब्लाइंड केस बना हुआ है। खबर है कि पुलिस ने दो लोगों को अरेस्ट किया है।

Rupesh Singh Apartment's Guard Manoj Lal

अपार्टमेंट के नीचे करीब आधा दर्जन सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनमें से एक तो गेट की तरफ मुड़ा हुआ है। अगर यह ठीक होता तो अपराधी की पूरी तस्वीर इसमें कैद हो सकती थी, पर अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के अनुसार यह लगभग दो साल से खराब पड़ा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपार्टमेंट में एक ही गार्ड तैनात है, जो 24 घंटे परिवार के साथ ग्राउंड फ्लोर पर रहता है। जिस वक्त घटना हुई उस दौरान अपार्टमेंट का गार्ड मनोज लाल (Manoj Lal) मौजूद नहीं था। गार्ड का कहना है कि अपने एक दोस्त की मां के दाह संस्कार में सुबह 9 बजे ही चला गया था और जब शाम 7.30 बजे लौटा तो देखा कि रूपेश की हत्या हो चुकी है। गार्ड का कहना था कि रूपेश ने जब गाड़ी का हॉर्न बजाया तो उसकी (गार्ड की) बेटी गेट खोलने आई, लेकिन तब तक हत्यारे घटना को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। रूपेश की हत्याकांड के दिन ही गार्ड का न होना फिलहाल जांच के घेरे में है।

 

 

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